उत्तर प्रदेश में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में भूमि रजिस्ट्री व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और कैब एग्रीगेटर कंपनियों (जैसे ओला-उबर) को नियमन के दायरे में लाने से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं।जमीन की फर्जी रजिस्ट्री पर सख्ती कैबिनेट के फैसले के अनुसार अब जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और डिजिटल बनाया जाaएगा।•रजिस्ट्री से पहले जमीन के मालिकाना हक और दस्तावेजों की सख्त जांच होगी।•डिजिटल रिकॉर्ड और सत्यापन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
इससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन बेचने के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। ओला-उबर जैसी कंपनियों पर सरकार का नियंत्रण राज्य सरकार ने कैब एग्रीगेटर नीति लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत:•ओला, उबर जैसी कंपनियों को सरकार से लाइसेंस लेना होगा।•यात्रियों की सुरक्षा और किराया नियंत्रण के नियम तय किए जाएंगे।•ड्राइवर और वाहन से जुड़े मानकों का पालन अनिवार्य होगा।अन्य अहम फैसले कैबिनेट बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें प्रशासनिक सुधार, विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास परियोजनाओं से जुड़े निर्णय शामिल हैं।

