स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान द्वारा नाटी इमली स्थित लॉन में भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस पुनीत कार्यक्रम में स्वजातीय 6 जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लेकर नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। समारोह में हजारों की संख्या में लोग उपस्थित होकर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया।बताया गया कि मूल रूप से 7 जोड़ों का विवाह होना था, लेकिन चंदौली निवासी एक कन्या शनिवार देर रात दीनदयाल नगर में हुए सड़क हादसे में घायल हो गई, जिन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। इसी कारण एक जोड़े का विवाह नहीं हो सका और कुल 6 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया।
मैदागिन से सभी दूल्हों की सामूहिक बारात निकाली गई। बारात मध्यमेश्वर, दारानगर, डीएवी कॉलेज, आदर्श इंटर कॉलेज और ईश्वरगंगी होते हुए नाटी इमली स्थित गणेश मंडपम लॉन पहुंची। यहां कन्या पक्ष की महिलाओं ने परछन की रस्म निभाई, जिसके बाद सुसज्जित मंच पर सभी जोड़ों की जयमाल कराई गई।जयमाल के बाद अतिथियों और समाज के वरिष्ठ जनों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। इसके बाद एक ही मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए संस्थान और समाज की ओर से आलमारी, पलंग, सिंगारदान, रजाई, गद्दा, तकिया, चादर, 111 बर्तनों का सेट, सोने की नथिया, चांदी के पायल-बिछिया, सीलिंग फैन, मिक्सी, कुकर, आयरन प्रेस सहित कई आवश्यक उपहार प्रदान किए गए। विवाह पूजन का संयोजन वैदिक विधि से विद्वान पंडित चंद्रकांत पांडेय और आदित्य पांडेय ने कराया।इस अवसर पर संस्थान के राष्ट्रीय संस्थापक ई. योगेंद्र कुमार, राष्ट्रीय संयोजक एवं सम्मेलन अध्यक्ष रवि सर्राफ, राष्ट्रीय अध्यक्ष शारदा शंकर सिंह, महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया ताई दहिवाल सहित विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी, समाजसेवी और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

