वाराणसी में हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 के स्वागत को लेकर “हर घर भगवा” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को भगवा ध्वज वितरित कर रहे हैं और भारतीय नववर्ष के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं।हिंदू युवा वाहिनी के प्रभारी मंडल अम्बरीष सिंह (भोला) ने बताया कि सांस्कृतिक जनजागरण के तहत काशी के अलग-अलग क्षेत्रों में डोर-टू-डोर अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को बताया जा रहा है कि भारतीय नववर्ष केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। नववर्ष के आरंभ के साथ ही प्रकृति में भी नए बदलाव दिखाई देते हैं—पेड़ों पर नई पत्तियां आती हैं और वातावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस उत्साह के साथ अंग्रेजी नववर्ष मनाया जाता है, उसी तरह भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 को भी भव्य रूप से मनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान की प्रेरणा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिली है और उनके मार्गदर्शन में सांस्कृतिक जनजागरण का यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।अम्बरीष सिंह (भोला) ने कहा कि आज युवाओं में भी अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। मंदिरों में युवाओं की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में विभाजन फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है और आगे भी करती रहेगी।फिलहाल काशी में “हर घर भगवा” अभियान के माध्यम से लोगों को भारतीय नववर्ष के स्वागत के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

