नई दिल्ली, 25 मार्च इच्छामृत्यु का विकल्प चुनने वाले हरीश राणा का आज अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके पिता ने सभी से हाथ जोड़कर अपील की कि कोई भी न रोए और उनके बेटे के फैसले का सम्मान करे।हरीश राणा ने मृत्यु से पहले अंगदान का निर्णय लिया था, जिससे छह जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी मिली। डॉक्टरों के अनुसार, उनके विभिन्न अंगों का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया।
परिवार के मुताबिक, हरीश लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उन्होंने सोच-समझकर यह कदम उठाया।अंतिम संस्कार के दौरान पिता ने कहा, “मेरा बेटा आज भी उन लोगों में जिंदा है, जिन्हें उसने जीवन दिया है।”यह घटना अंगदान के महत्व को उजागर करती है और समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश छोड़ती है।
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