शहर में वर्षों से चली आ रही पेयजल संकट और सीवर लीकेज की समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम, जिला प्रशासन और केंद्र सरकार के समन्वय से लगभग 1800 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल और सीवर पाइपलाइन बदलने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।बताया गया कि नगर निगम, डीएम कार्यालय, सीएम दफ्तर से लेकर पीएमओ तक बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंची थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएमओ ने ठोस समाधान के निर्देश दिए थे। इसके बाद संयुक्त सर्वे में पाया गया कि पहले हुए पैचवर्क पर खर्च के बावजूद आम जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा था।मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की पहल पर केंद्र सरकार ने पाइपलाइन बदलने के लिए बजट आवंटन पर सहमति दी। वर्तमान में 1800 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार हो चुकी है, जबकि कुल परियोजना लगभग 2000 करोड़ रुपये तक की हो सकती है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, शहर के वार्डों को क्लस्टर में बांटकर कार्य कराया जाएगा। पहले चरण में 18 वार्डों में 800 करोड़ रुपये से सीवर और 300 करोड़ रुपये से पेयजल कार्य होंगे। इसे पांच क्लस्टर में विभाजित किया गया है, जिनमें से तीन के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है। प्रधानमंत्री के आगामी दौरे में इन परियोजनाओं का शिलान्यास भी संभव है और मई के पहले सप्ताह से काम शुरू होने की उम्मीद है।जल निगम के अधिशासी अभियंता कमल कुमार ने बताया कि भेलूपुर जलकल से भदऊंचुंगी-राजघाट तक की मुख्य ट्रंक लाइन फिलहाल नहीं बदली जाएगी। इसके बजाय वार्डों में जाने वाली फीडर और ब्रांच लाइनों को बदला जाएगा, ताकि जलापूर्ति बाधित न हो।ट्रांस वरुणा (वरुणापार) क्षेत्र के 57 वार्डों के लिए अलग से 600 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाई गई है। यहां कई क्षेत्रों में सीवर सिस्टम नहीं है, इसलिए नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी और पेयजल नेटवर्क का भी विस्तार किया जाएगा। इन योजनाओं को जल्द शासन से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।इसके अलावा लमही, सूजाबाद, रामनगर, चितईपुर और लहरतारा जैसे नए जुड़े वार्डों में भी क्लस्टर बनाकर कार्य किए जाएंगे। लमही में पेयजल योजना को स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि चितईपुर-लहरतारा में पेयजल और सीवर दोनों परियोजनाओं को हरी झंडी मिल गई है।परियोजना के तहत पूरे शहर में खुदाई होगी, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बड़ी चुनौती बन सकती है। प्रशासन द्वारा वार्डवार ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया जा रहा है और इसके लिए पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है।मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से शहर में लंबे समय से चली आ रही पेयजल किल्लत और सीवर लीकेज की समस्या से राहत मिलेगी।

