बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के केंद्रीय चिकित्सालय में सोमवार को विश्व लीवर दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम एवं फाइब्रो स्कैन जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम चिकित्सालय के सभागार कक्ष में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिजनों ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि वर्तमान समय में खराब खान-पान, शराब का सेवन, अनियंत्रित दवाओं का उपयोग, मधुमेह तथा अस्वस्थ जीवनशैली के कारण लीवर संबंधी बीमारियों—जैसे फैटी लीवर, हेपेटाइटिस, लीवर सिरोसिस और कैंसर—के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व लीवर दिवस की थीम “अच्छी आदतें, स्वस्थ लिवर” रखी गई है।
डॉ. कुमार ने कहा कि आजकल अल्ट्रासाउंड जांच में बढ़े हुए लीवर के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि फाइब्रो स्कैन जांच के माध्यम से लीवर की लचीलापन (इलास्टिसिटी) मापी जाती है, जिससे लीवर की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर समय रहते उचित उपचार किया जा सकता है। इससे लीवर में सूजन, फाइब्रोसिस, ट्यूमर और अन्य जटिलताओं की रोकथाम संभव है।इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी एवं फिजिशियन डॉ. एस.के. मौर्या ने उपस्थित लोगों को लीवर रोगों की रोकथाम और प्रारंभिक उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं डॉ. मिन्हाज अहमद ने लोगों की शंकाओं का समाधान किया।शिविर के दौरान भगवान सिंह यादव और शिव सिंह द्वारा फाइब्रो स्कैन जांच की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य नर्सिंग सुपरिटेंडेंट चंद्रकला राव, कमला श्रीनिवासन, अनिता चंद्रा, आरती, ज्योति सिन्हा तथा सुमित कुमार का विशेष योगदान रहा।शिविर में कुल 110 लोगों ने अपने लीवर की जांच कराई और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्राप्त किया।

