तेजस्वी यादव ने कहा कि, “जो मुख्यमंत्री बन रहे हैं, वह लालू जी की पाठशाला से ही निकले हैं। अब भारतीय जनता पार्टी भी लालू यादव की विचारधारा पर चलने लगी है।” उनका यह बयान बिहार की सियासत में नई बहस को जन्म दे रहा है।दरअसल, सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने 1990 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से की। राबड़ी देवी सरकार में उन्होंने मंत्री पद की शपथ भी ली थी। उनके परिवार का भी राजनीति में प्रभाव रहा है, उनके पिता विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं।
बाद के वर्षों में सम्राट चौधरी ने कई दलों का रुख किया। वे पहले जेडीयू, फिर हम (HAM) में रहे और अंततः 2017 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए, जहां वे वर्तमान में सक्रिय हैं।तेजस्वी यादव का यह बयान न केवल सम्राट चौधरी के राजनीतिक अतीत की ओर इशारा करता है, बल्कि लालू यादव की विचारधारा को लेकर भी सियासी घमासान को तेज करता नजर आ रहा है।

