श्री विद्या धर्म प्रचारिणी नेपाली समिति, वाराणसी द्वारा टाउन हॉल स्थित पराड़कर स्मृति भवन के गर्दे सभागार में भव्य “मदन स्मारक सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नेपाली भाषा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विद्वानों को सम्मानित किया गया।समिति के अनुसार, “मदन स्मारक सम्मान” की शुरुआत वर्ष 1983 में नेपाल की रानी स्वर्गीय जगदंबा कुमारी देवी द्वारा अपने पति स्वर्गीय मदन शमशेर जंग बहादुर राणा की स्मृति में की गई थी। बाद में इस सम्मान के आयोजन की जिम्मेदारी श्री विद्या धर्म प्रचारिणी नेपाली समिति, वाराणसी ने संभाली।
वर्ष 2024 यह सम्मान साहित्यसेवी डॉ. इंदू प्रभादेवी (प्राध्यापिका, गुवाहाटी, असम) को प्रदान किया गया। उन्होंने अपने वक्तव्य में असम में नेपाली भाषा, साहित्य, शिक्षा और अनुवाद के विकास पर प्रकाश डालते हुए कई प्रमुख साहित्यकारों और विद्वानों के योगदान का उल्लेख किया।वहीं वर्ष 2025 का सम्मान प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं साहित्यकार राजू प्रधान हिमांशु (खरशांग, दार्जिलिंग) को प्रदान किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कविता, गीत, गजल, नाटक, समालोचना, कथा, अनुवाद और संपादन सहित विभिन्न साहित्यिक विधाओं में अपने कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. हरिप्रसाद अधिकारी (अवकाशप्राप्त प्रोफेसर, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में काठमांडू की रूपा दीक्षित जोशी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रविंद्र छेत्री (नई दिल्ली) और श्री दीपक अर्याल (सचिव, मदन पुरस्कार पुस्तकालय, काठमांडू) उपस्थित रहे।समारोह का संयोजन काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दिवाकर प्रधान एवं समिति के उपाध्यक्ष द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन समिति के मंत्री विजय कुमार श्रेष्ठ ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

