गोहत्या पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने एक बार फिर कड़ा बयान दिया है। काशी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि देश में गोहत्या पर तुरंत प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।उन्होंने राजनीतिक दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि “राजनीतिक दोहरापन राष्ट्र और धर्म दोनों के लिए हानिकारक है।” उनके अनुसार, एक ओर नेता सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की बात करते हैं, जबकि दूसरी ओर ठोस कदम उठाने से बचते हैं।
शंकराचार्य ने आगे कहा कि गौसंरक्षण भारतीय परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसे नजरअंदाज करना समाज में असंतुलन पैदा कर सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस विषय पर स्पष्ट और सख्त नीति बनाई जाए।कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं और समर्थकों ने भी इस मांग का समर्थन किया और गौसंरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

