गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 26 मई को वाराणसी में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। काशी के 84 घाटों पर श्रद्धालु मां गंगा का पूजन-अर्चन और भव्य आरती करेंगे, जबकि 11 प्रमुख घाटों पर विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।इस अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित मां गंगा मंदिर में विशेष श्रृंगार और पूजा होगी।गंगा दशहरा पर काशी के 56 परिवार अपने घरों में तैयार किए गए 50 प्रकार के पारंपरिक व्यंजनों का भोग मां गंगा को अर्पित करेंगे। इसके साथ ही 12 राज्यों से लाई गई 5100 साड़ियां मां गंगा को चढ़ाई जाएंगी।मां गंगा का 501 लीटर दूध से अभिषेक भी किया जाएगा।
काशी के सभी 84 घाटों पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर पूजा, दान और दीपदान करेंगे। खासतौर पर अस्सी घाट पर सुबह और शाम विशेष गंगा आरती का आयोजन होगा।गंगा आरती समितियां इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराएंगी।मंगला गौरी मंदिर के महंत पंडित नारायण गुरु के अनुसार, गंगा दशहरा पर मां गंगा को 10-10 आम, केले सहित विभिन्न फलों का नैवेद्य अर्पित किया जाएगा। श्रद्धालु 10 दीप जलाकर मां गंगा की आराधना करेंगे और लड्डू का विशेष भोग भी लगाया जाएगा।धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को वृष लग्न में मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं। इसलिए गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान, पूजन और दान का विशेष महत्व माना जाता है।
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