बांस फाटक स्थित मां गंगा मंदिर में गंगा दशहरा पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित सत्यनारायण शास्त्री द्वारा मां गंगा की विधिवत आरती से किया गया।मंदिर परिसर को गेंदे, बेले की मालाओं और कामिनी की पत्तियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। ऋतु के अनुसार फलों से विशेष श्रृंगार भी किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
समाजसेवी विमल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मां गंगा मंदिर में प्रतिवर्ष गंगा सप्तमी, गंगा दशहरा और नाग पंचमी पर जल विहार एवं हरियाली श्रृंगार का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि लगभग 85 वर्ष पुराने इस मंदिर में गंगा दशहरा का विशेष महत्व है। उनके अनुसार गंगा सप्तमी के दिन मां गंगा ब्रह्मा के कमंडल से निकलकर भगवान शिव की जटाओं में विराजमान हुई थीं, जबकि गंगा दशहरा के दिन वे शिव की जटाओं से निकलकर पृथ्वी पर अवतरित हुईं। इसी कारण इस दिन को मां गंगा के अवतरण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।उन्होंने कहा कि इस वर्ष गंगा दशहरा मलमास में पड़ने के कारण इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है। इस दिन गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने से विशेष फल प्राप्त होता है।मां गंगा की आरती के पश्चात भव्य भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का मां की चुनरी भेंट कर स्वागत किया गया।इस अवसर पर किशन दीक्षित, केशव जालान, पंकज अग्रवाल, पवन मित्तल, शालिनी गोस्वामी, दिलीप सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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