NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और लगातार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। यह मार्च युवा छात्र ऋतिक मिश्रा की स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप तथा छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे कथित खिलवाड़ के विरोध में आयोजित किया गया था।बड़ी संख्या में छात्र हाथों में मोमबत्तियां, मशाल, तख्तियां और बैनर लेकर शांतिपूर्ण तरीके से भारत माता मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य गेट पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रशासन द्वारा रोके जाने पर छात्र नेता और कार्यकर्ता नाराज हो गए और विश्वविद्यालय गेट पर धरने पर बैठकर केंद्र सरकार एवं शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि उनकी शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।मीडिया से बातचीत में NSUI नेताओं ने कहा कि कैंडल मार्च का उद्देश्य दिवंगत छात्र ऋतिक मिश्रा को श्रद्धांजलि देना और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताना था, लेकिन प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति तक नहीं दी।छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार हो रहे पेपर लीक मामलों से करोड़ों छात्रों की मेहनत और सपनों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी उठाई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


