शहर की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर ने लंका थाना परिसर में समीक्षा बैठक की। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, थाना स्तर की कार्यप्रणाली तथा आम जनता से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक के दौरान डीआईजी अपराध आलोक प्रियदर्शी ने विवेचना कार्य कर रहे सब इंस्पेक्टरों से सीधे संवाद करते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न मामलों की प्रगति की जानकारी लेते हुए केस डायरी, साक्ष्य संकलन और आरोप पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया को गंभीरता से लेने पर जोर दिया।डीआईजी अपराध ने कहा कि किसी भी मामले की विवेचना निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि पीड़ितों को समय से न्याय मिल सके और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि विवेचना केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पुलिस की जिम्मेदारी और विश्वसनीयता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अधिकारियों को तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग, गवाहों के बयान और घटनास्थल के निरीक्षण को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही आम जनता के साथ संयमित और संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने पर भी बल दिया गया, जिससे पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास मजबूत हो सके।समीक्षा बैठक में लंका, भेलूपुर और चितईपुर थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम तथा रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।पुलिस कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी एवं तत्परता के साथ करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में बेहतर पुलिसिंग और जनसंपर्क को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।

