कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में करीब ₹993 की बढ़ोतरी ने होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बढ़ती लागत और गैस की अनियमित आपूर्ति के चलते छोटे और मध्यम व्यवसायों पर सीधा असर पड़ रहा है।कैटरिंग से जुड़े लोगों का कहना है कि लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि समय पर गैस न मिलने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। मजबूरी में उन्हें कम मुनाफे पर सेवाएं देनी पड़ रही हैं, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।गैस की कमी के कारण अब कई व्यवसायी कोयला और इंडक्शन चूल्हों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन कोयले के बढ़ते दाम ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
रेलवे कैटरिंग पर भी इसका असर साफ दिख रहा है। रेल कोच प्रबंधक रजनीश सिंह के अनुसार, गैस महंगी होने से लागत बढ़ी है, लेकिन रेलवे की अनुमति के बिना खाने के दाम बढ़ाना संभव नहीं है। साथ ही गैस आपूर्ति में देरी के कारण इंडक्शन पर खाना बनाना पड़ता है, जिससे सेवा में देरी और नुकसान दोनों बढ़ रहे हैं।होटल व्यवसायी रामनारायण गुप्ता और दयालु मिश्रा ने भी चिंता जताते हुए कहा कि यदि यही स्थिति रही तो कई छोटे व्यवसाय बंद हो सकते हैं।कुल मिलाकर, गैस की बढ़ती कीमतों और अनियमित आपूर्ति ने कारोबारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने सरकार से जल्द राहत देने की मांग की है।

