बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने बैंकिंग परीक्षाओं में सेटिंग कर नौकरी दिलाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। रूपसपुर थाना क्षेत्र के मनोकामना मंदिर के पास स्थित एक घर में छापेमारी कर पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहपुर के प्रवीण शंकर उर्फ गोलू कुमार, खाजेकलां के अमित चौधरी और राज कुमार, बिहटा के करन कुमार तथा मनोज कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देता था।
छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 22 चेक, विभिन्न परीक्षाओं के प्रवेश पत्र और मार्कशीट बरामद की गई हैं। इसके अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के अलग-अलग बैंक शाखाओं के हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक भी मिले हैं। कई चेक में सात लाख रुपये तक की राशि दर्ज थी, जो कथित तौर पर नौकरी दिलाने के एवज में अग्रिम भुगतान के रूप में ली जाती थी।दानापुर के एएसपी शिवम धाकड़ ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि इस स्थान पर नीट और बैंक परीक्षाओं में सेटिंग का काम किया जा रहा है। इसके बाद कार्रवाई करते हुए टीम ने छापा मारा और आरोपियों को पकड़ा।
पूछताछ में सामने आया है कि अभ्यर्थियों से पहले ही चेक लेकर यह सुनिश्चित किया जाता था कि परीक्षा पास होने के बाद रकम मिल जाए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को इस तरह ठगा है।इस मामले में रूपसपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। छापेमारी में एसटीएफ की टीम भी शामिल रही। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह से जुड़े कुछ अन्य लोग अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।


