वाराणसी। लंका स्थित इंटरनेशनल हिंदू स्कूल में शनिवार को अंतरविद्यालयी विज्ञान प्रदर्शनी-2026 का भव्य आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में वाराणसी के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं तकनीक पर आधारित 85 नवाचारपूर्ण मॉडल प्रस्तुत किए, जिन्होंने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रदर्शनी में छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जल संरक्षण, अंतरिक्ष विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे समसामयिक विषयों पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किए। छात्रों की वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना की सभी ने सराहना की।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. आर. पी. मति ने छात्रों द्वारा तैयार किए गए रोबोट से फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “आज के युवा वैज्ञानिक ही कल के भारत के विकास के आधार बनेंगे।”
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विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुमन कुमार मिश्रा अमेरिका के ओहियो से ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “विज्ञान ही वह शक्ति है जो राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाती है। हमारे छात्रों ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे भारत के भविष्य के वैज्ञानिक और नवप्रवर्तक हैं।”प्रदर्शनी का मूल्यांकन निर्णायक मंडल के सदस्य रंजीत सिंह, लालमणि और सुनील कुमार ने किया। निर्णायकों ने एटमॉस्फेरिक वाटर जनरेटर, सोया मिल्क प्रोडक्शन, ब्लीडिंग हार्ट एक्सपेरिमेंट, फ्री इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर, वैदिक टेम्परेचर एंड ह्यूमिडिटी लॉगर, सोलर स्मार्ट हाउस वर्किंग मॉडल, फोटोसिंथेसिस तथा मेट्रिक यूनिट्स ऑफ मेजरमेंट सहित नौ उत्कृष्ट मॉडलों का चयन कर प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
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कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य संतोष कुमार तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रबंधक संध्या मिश्रा, शैक्षणिक सलाहकार जयंती सामंत, उप-प्रधानाचार्य गणेश शंकर चतुर्वेदी, हेड अनुपम श्रीवास्तव सहित विद्यालय के सभी शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
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