तिलक वर्मा का हालिया प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही सीमित ओवरों की सीरीज में उनके बल्ले से बड़े रन नहीं निकले हैं। हालांकि आयरलैंड के खिलाफ उन्होंने एक अर्धशतक जरूर लगाया, लेकिन पूरी सीरीज में वह सिर्फ 74 रन ही बना सके।
इंग्लैंड के खिलाफ भी तिलक वर्मा अब तक तीन पारियों में केवल 48 रन बना पाए हैं। लगातार कम स्कोर के बाद उनकी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि खराब प्रदर्शन की बड़ी वजह उन्हें लगातार निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए भेजा जाना भी हो सकता है।
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तिलक वर्मा अपनी घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शीर्ष क्रम के बल्लेबाज रहे हैं। वह नई गेंद के साथ लंबी पारी खेलने और पारी को संभालने की क्षमता रखते हैं। इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट उन्हें पांचवें, छठे या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी का मौका दे रहा है, जहां उन्हें कम गेंदें खेलने को मिलती हैं और तेजी से रन बनाने का दबाव रहता है।
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क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तिलक वर्मा को शीर्ष क्रम में नियमित अवसर दिए जाएं, तो वह अपनी प्रतिभा के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट की बल्लेबाजी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्हें उनकी स्वाभाविक बल्लेबाजी पोजिशन पर मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है।
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