उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येंद्र बारी (बीनू भैया) लगातार जमीनी स्तर पर जनसंवाद और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर सक्रिय हैं। आयोग की जिम्मेदारी के तहत वह चंदौली, ललितपुर, उन्नाव समेत विभिन्न जिलों का दौरा कर ग्रामीणों और आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझ रहे हैं।सत्येंद्र बारी की कार्यशैली की खासियत यह है कि वह औपचारिक मंचों तक सीमित रहने के बजाय गांवों और चौपालों में पहुंचकर लोगों से सीधे बातचीत करते हैं। जन चौपाल और जनसुनवाई के दौरान राजस्व, पुलिस, भूमि विवाद, पेंशन सहित अन्य मामलों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।
उनका कहना है कि सिर्फ अधिकारियों को आदेश देकर जिम्मेदारी पूरी नहीं होती, बल्कि पीड़ित व्यक्ति की समस्या का समाधान होने तक उसके साथ खड़ा रहना जरूरी है। इसी सोच के साथ वह शिकायतों की प्रगति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से दोबारा जवाब लेने पर जोर देते हैं।
सत्येंद्र बारी का मुख्य उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के सबसे पिछड़े और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए वह ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाने पर भी जोर दे रहे हैं। उनकी यह सक्रिय कार्यशैली जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ आमजन की समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास के रूप में देखी जा रही है।



