पूर्वांचल में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा और यमुना में लगातार बढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर करीब सात सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बढ़ते पानी के कारण मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के कई शवदाह स्थल जलमग्न हो गए हैं। मणिकर्णिका घाट पर अब छत पर शवदाह की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जबकि हरिश्चंद्र घाट पर भी पानी बढ़ने के कारण गलियों में शवदाह की तैयारी की जा रही है।
प्रयागराज में पिछले 24 घंटे में यमुना का जलस्तर 1.32 मीटर और गंगा का जलस्तर 32 सेंटीमीटर बढ़ा है। यमुना के साथ टोंस नदी का पानी भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे संगम क्षेत्र का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है। गंगा के बढ़ते पानी का असर घाटों के दुकानदारों और तीर्थपुरोहितों पर भी पड़ा है। अस्सी, रीवा और रविदास घाटों पर लोगों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार प्रयागराज और मिर्जापुर में भी जलस्तर बढ़ रहा है और वाराणसी में अगले 48 घंटे तक गंगा के बढ़ने का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने नावों के संचालन पर रोक लगाने के साथ घाटों और नदियों के किनारे निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस, राजस्व विभाग और एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए वाराणसी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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