वाराणसी में IIT-BHU में नौकरी दिलाने के नाम पर 20.50 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी को चितईपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुसवाही निवासी दिनेश कुमार के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने खुद को IIT-BHU का लैब असिस्टेंट बताकर एक व्यक्ति की पत्नी और भाई को संस्थान में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बदले 20.50 लाख रुपये लेने के बाद दोनों के नाम फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिए।
IIT-BHU पहुंचने पर सामने आया फर्जीवाड़ा
डंगरी कलां निवासी अनिल कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि दिनेश कुमार ने उसकी पत्नी और भाई की IIT-BHU में नौकरी लगवाने की बात कही थी। आरोपी पर भरोसा करके अनिल ने उसे 20.50 लाख रुपये दे दिए। इसके बदले दिनेश ने दोनों के नाम नियुक्ति पत्र भी दिए।
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बताई गई तारीख पर अनिल नियुक्ति पत्र लेकर IIT-BHU पहुंचे। वहां दस्तावेजों की जांच कराने पर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं और संस्थान में ऐसी कोई वैकेंसी ही नहीं निकली थी।
दूसरी बार भी दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद अनिल ने दिनेश से संपर्क किया। आरोप है कि दिनेश ने उसे घर बुलाकर कहा कि नौकरी की तारीख निकल गई है और जल्द ही दोबारा भर्ती निकलेगी।
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इसके बाद उसने एक और नियुक्ति पत्र दिया, लेकिन जांच में वह भी फर्जी निकला।नौकरी नहीं लगने पर अनिल ने दिनेश से रकम वापस मांगी। आरोप है कि दिनेश ने 8 लाख रुपये वापस कर दिए, लेकिन बाकी रकम देने में आनाकानी करने लगा। पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर उसने 10-10 लाख रुपये के दो चेक दिए। दोनों चेक बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए।
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इसके बाद अनिल ने दोबारा रकम मांगी तो आरोपी पर धमकी देने का भी आरोप है। परेशान होकर अनिल ने चितईपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
करौंदी चौराहे से आरोपी गिरफ्तार
चितईपुर थाना प्रभारी राकेश कुमार गौतम ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि दिनेश कुमार करौंदी चौराहे पर कहीं भागने की फिराक में है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।
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