देहरादून। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ निवासी और भारतीय सेना के अधिकारी कर्नल रजनीश जोशी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस का सफलतापूर्वक आरोहण कर एक और उपलब्धि हासिल की है। 14 अगस्त को उन्होंने 5,642 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचकर उत्तराखंड का प्रतीक चिह्न प्रदर्शित किया और अपनी इस सफलता को देवभूमि के साहस, वीरता और हिमालय के प्रति प्रेम को समर्पित किया। कर्नल रजनीश जोशी मूल रूप से पिथौरागढ़ के बुंगाछीना गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में दार्जिलिंग स्थित हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट के प्रधानाचार्य हैं।

पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव है और माउंट एल्ब्रुस के अलावा वह माउंट एवरेस्ट समेत अब तक 45 चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने एवरेस्ट फतह की थी। गढ़वाल राइफल्स से जुड़े कर्नल जोशी ने पर्वतारोहण के साथ युवाओं में साहस, अनुशासन और साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाने में भी योगदान दिया है। उनकी कई पर्वतारोहण उपलब्धियां वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हैं। उन्होंने माउंट नून, माउंट कुन, अबी गामिन, डोमेखांग और माउंट किलिमंजारो जैसी कई चुनौतीपूर्ण चोटियों पर भी सफलता हासिल की है।
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