उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में समुद्रतल से करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा बुग्याल में पारंपरिक अढूंड़ी उत्सव यानी बटर फेस्टिवल मनाया जा रहा है। इस खास पर्व में स्थानीय ग्रामीणों के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे पर्यटक भी शामिल होंगे। यहां दूध, दही, मक्खन और मट्ठे से होली खेलने की अनोखी परंपरा है। भटवाड़ी ब्लॉक के रैथल गांव से करीब सात किलोमीटर दूर दयारा बुग्याल में हर वर्ष भाद्रपद महीने की संक्रांति पर यह उत्सव आयोजित किया जाता है। यह पर्व प्रकृति के प्रति आभार और सम्मान प्रकट करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। उत्सव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की जाती है और इसके बाद दूध, मक्खन व मट्ठे से होली खेली जाती है।

आयोजन में शामिल होने के लिए ग्रामीणों के साथ दयारा पर्यटन समिति तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी बुग्याल पहुंच चुके हैं। रैथल और आसपास के गांवों के लोग गर्मियों में अपने मवेशियों के साथ दयारा बुग्याल पहुंचते हैं और मानसून के बाद वापस लौटते हैं। इसी दौरान प्रकृति के प्रति आभार जताने के लिए इस पर्व का आयोजन किया जाता है। बुग्याल की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस बार हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार आयोजन स्थल को बुग्याल से करीब 800 मीटर दूर चिड़ापड़ा और गोई क्षेत्र में रखा गया है। पूजा-अर्चना और पारंपरिक कार्यक्रमों के बाद दूध और मक्खन की होली खेली जाएगी, जबकि रैथल गांव में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।
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