वाराणसी के असि क्षेत्र में सावन के महीने में योगी अखाड़ा परिषद की ओर से तीन दिवसीय महारुद्राभिषेक और यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। आयोजन में साधु-संतों के साथ किन्नर समाज की महामंडलेश्वर उमाशंकर महाराज भी शामिल हुईं।महारुद्राभिषेक के दौरान देश की सुख-समृद्धि और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वर्ष 2029 में देश का प्रधानमंत्री बनने की कामना की गई। आयोजकों ने कहा कि सावन में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। इसी आस्था के साथ योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लेकर यह धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा है।
साधना और पूजा-पाठ के जरिए लिया संकल्प
योगी अखाड़ा के स्वामी राधेश्याम महाराज ने कहा कि साधु-संतों के पास उनकी साधना और पूजा-पाठ सबसे बड़ी शक्ति है। इसी शक्ति के माध्यम से संकल्प लिया गया है कि योगी आदित्यनाथ वर्ष 2029 में देश के प्रधानमंत्री बनें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि तीन दिनों तक यज्ञ और महारुद्राभिषेक का क्रम चलेगा।उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर 24 घंटे अन्नपूर्णा सेवा भी चल रही है। श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। उनका कहना है कि आयोजन में साधना के साथ सेवा को भी महत्व दिया जा रहा है।
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युवाओं को केवल योजनाओं से नहीं जोड़ा जा सकता
युवाओं से जुड़े मुद्दों और सरकार की योजनाओं को लेकर स्वामी राधेश्याम महाराज ने कहा कि किसी योजना के माध्यम से युवाओं को लंबे समय तक नहीं जोड़ा जा सकता। आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए समाज और परिवार को बेहतर वातावरण तैयार करना होगा।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल सुविधाएं देने के बजाय अच्छे संस्कार देना जरूरी है। गीता और रामायण जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक ग्रंथों से युवाओं को जोड़ना समाज की जिम्मेदारी है। संस्कार और संस्कृति से जुड़ाव के माध्यम से नई पीढ़ी को बेहतर दिशा दी जा सकती है।
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