बीएचयू के धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. कमलेश कुमार सिंह ने रूस के नालचिक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के पुनर्चक्रण पर अपना शोध प्रस्तुत किया। 23 से 25 सितंबर तक हुए सम्मेलन का विषय वैश्विक बदलाव के दौर में भू-भौतिकीय प्रक्रियाओं, पर्यावरणीय स्थिरता और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण प्रबंधन पर केंद्रित था। सम्मेलन में कई देशों के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
प्रो. सिंह को सम्मेलन में प्लेनरी वक्ता के तौर पर आमंत्रित किया गया था और उन्हें अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समिति का सदस्य भी बनाया गया। उन्होंने “Recycling of electronic waste for sustainable environmental management” विषय पर शोध प्रस्तुत करते हुए ई-कचरे से उपयोगी धातुओं की पुनर्प्राप्ति के लिए एकीकृत पुनर्चक्रण प्रक्रिया पर चर्चा की। उनके शोध में ई-कचरे में मौजूद सीसा, पारा, कैडमियम और ब्रोमिनयुक्त पदार्थों जैसे खतरनाक तत्वों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के PCB में मौजूद सोना, चांदी और तांबे जैसी मूल्यवान धातुओं पर भी जानकारी दी गई।
सम्मेलन में प्रो. कमलेश कुमार सिंह के शोध कार्य को सतत धातुकर्म, निष्कर्षण तकनीक और सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। उनके शोध में ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग, मूल्यवान धातुओं की पुनर्प्राप्ति और सतत संसाधन प्रबंधन पर जोर दिया गया। सम्मेलन के माध्यम से बीएचयू के शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी मिला।


