काशी में बाबा लाट भैरव के विवाह की तैयारियां अब पारंपरिक रस्मों के साथ आगे बढ़ रही हैं। गुरुवार रात बाबा के दरबार में हल्दी की रस्म हुई, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रीय महिलाएं शामिल हुईं। पीले कपड़ों में पहुंचीं महिलाओं ने बाबा के विग्रह पर हल्दी चढ़ाई और विवाह से जुड़े मंगलगीतों के साथ उत्सव मनाया। इस दौरान बाबा का दरबार गीत-संगीत और महिलाओं की चहल-पहल से गुलजार रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद हारमोनियम, ढोलक और मंजीरों की संगत के बीच पारंपरिक विवाह गीत गाए गए। महिलाओं ने गीतों पर नृत्य किया और देर रात तक उत्सव का सिलसिला चलता रहा। बाबा को अर्पित की गई हल्दी को प्रसाद के तौर पर महिलाओं और नवयुवतियों में बांटा गया। नवयुवतियों ने मनचाहा वर मिलने की कामना की, जबकि सुहागिन महिलाओं ने अपने अखंड सौभाग्य की प्रार्थना की।
श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विवाह से जुड़ी पुरानी परंपराओं को आगे बढ़ाना भी रहा। समिति अध्यक्ष रोहित जायसवाल ने बताया कि हल्दी की रस्म के बाद प्रसाद महिलाओं में वितरित किया गया। इससे पहले 23 सितंबर को बाबा का तिलक समारोह हो चुका है। अब 26 सितंबर को बाबा लाट भैरव के विवाह की मुख्य रस्म होगी, जिसे लेकर क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना हुआ है।


