महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रों ने 11 मांगों को लेकर प्रशासनिक भवन के सामने धरना-प्रदर्शन किया। समाजवादी छात्र संघ के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
छात्रों की प्रमुख मांगों में वार्षिक कैलेंडर जारी करना, परीक्षा एजेंसी की गलतियों में सुधार, परीक्षा परिणाम में लगातार हो रही त्रुटियों को दूर करना, नियमित कक्षाएं संचालित करना और परीक्षा के बाद बैक पेपर का रिजल्ट जल्द जारी करना शामिल है। इसके अलावा उपाधि में नाम संशोधन के लिए लिए जा रहे 150 रुपये के शुल्क को खत्म करने, स्किल डेवलपमेंट व को-करिकुलर कक्षाएं नियमित कराने और छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग भी की गई।
समाजवादी छात्रसंघ के इकाई महासचिव आयुष यादव ने कहा कि बारिश के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में जलभराव के कारण स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। छात्रों ने स्वास्थ्य केंद्र में सप्ताह में एक दिन ब्लड कैंप लगाने और छात्र हेल्प डेस्क की सुविधा मजबूत करने की भी मांग की। साथ ही नई शिक्षा नीति के अनुसार लाइब्रेरी में छात्रों की जरूरत की किताबें उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। छात्रों का आरोप है कि वे पहले भी कई बार अपनी समस्याओं को लेकर धरना दे चुके हैं, लेकिन आश्वासन के बाद मामला टाल दिया जाता है।


