रामकटोरा स्थित श्री राणीसती दादी मंदिर में शुक्रवार को भादीमावस उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। सुबह पांच बजे मंगला आरती के साथ शुरू हुए उत्सव में सैकड़ों दंपतियों समेत हजारों श्रद्धालुओं ने दादी के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। विवाहित श्रद्धालुओं द्वारा जोड़े से पूजन करने की परंपरा के चलते बड़ी संख्या में युवा दंपतियों ने भी सहभागिता की।सुबह आठ बजे 13 दंपति पारंपरिक परिधान में मंगलकलश और ध्वज लेकर पदयात्रा के रूप में मंदिर पहुंचे। मंदिर समिति के अध्यक्ष रमेश चौधरी, दीपक बजाज और आनंद अग्रवाल ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध दर्शन-पूजन कराने की व्यवस्था गोपाल तुलस्यान, मनोज अग्रवाल और अशोक गिनोड़िया ने संभाली। पूजन के बाद श्रद्धालुओं को मिठी बुंदिया और मेवा का प्रसाद वितरित किया गया।
अपराह्न दो बजे मंदिर परिसर में करीब तीन सौ महिलाओं ने सामूहिक दादी मंगल पाठ किया। राजस्थानी गायिका मितू गड्डायन और कंचन पांडेय ने भजनों और मंगल पाठ के माध्यम से राणीसती दादी की प्रेरक यात्रा, भक्ति, प्रेम और दृढ़ संकल्प का भावपूर्ण वर्णन किया।
सायंकाल विशेष श्रृंगार झांकी की महाआरती के बाद भजन संध्या का आयोजन हुआ। इस दौरान मितू गड्डायन, कंचन पांडेय और राणीसती श्याम सेवा ट्रस्ट के भजन कलाकारों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र से स्वागत किया गया। महाआरती के साथ सवामनी प्रसाद वितरण भी शुरू हुआ।रामकटोरा स्थित यह प्राचीन राणीसती मंदिर पूर्वांचल के प्रमुख राणीसती मंदिरों में माना जाता है। यहां वर्ष 1955 से प्रत्येक भाद्रपद अमावस्या को भादीमावस उत्सव मनाया जाता है।


