वाराणसी में मंगलवार सुबह हल्की बारिश और बादलों के बीच मौसम ठंडा बना रहा। तापमान करीब 29 डिग्री के आसपास रहा और हवा धीमी रफ्तार से चलती रही। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई गई है। इस बीच सबसे बड़ी राहत गंगा के जलस्तर में गिरावट को लेकर है, सुबह गंगा 69.34 मीटर पर आ गई है और घाटों से पानी धीरे-धीरे हट रहा है।
हालांकि बाढ़ का पानी हटने के बाद घाटों और कॉलोनियों में नई दिक्कतें शुरू हो गई हैं। अभी भी लगभग सभी घाट पानी में डूबे हैं, केवल कुछ प्रमुख घाटों पर ही जमीन दिखनी शुरू हुई है और वहां जमा कीचड़ और बालू की मोटी परत सफाई में सबसे बड़ी बाधा बन गई है। शहर के कई रिहायशी इलाकों जैसे चितईपुर, कंदवा, सुसुवाही, लोहता और शिवपुरवा में पानी घरों और गलियों में भरा हुआ है। नीलकंठपुरम में तो दो सप्ताह से लोग घरों में कैद हैं, सीवर जाम है और स्कूली बच्चों का निकलना तक मुश्किल हो गया है।
वरुणा किनारे के इलाकों में स्थिति थोड़ी बेहतर हुई है। पानी कम होने पर सोमवार को करीब 1500 परिवार अपने घरों को वापस लौटे और बाढ़ राहत के 22 में से 11 कैंप खाली हो गए हैं। लोग अब अपने घरों में जमी मिट्टी और कचरे की सफाई कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम के सामने घाटों और निचली बस्तियों को जल्द सामान्य करने की बड़ी चुनौती है।


