लंका के नगवां स्थित इंटरनेशनल हिन्दू स्कूल में 17वें भाषा उत्सव का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में विभिन्न भाषाओं के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उन्हें वैश्विक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और जर्मन भाषा से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के डॉ. झा और विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुमन कुमार मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुमन कुमार मिश्र ने कहा कि भाषा उत्सव विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। भाषा सीखने की कोई उम्र नहीं होती और प्रत्येक व्यक्ति को नई भाषाएं सीखने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
मुख्य अतिथि डॉ. झा ने कहा कि भाषा किसी भी शिक्षण संस्थान के शैक्षणिक उद्देश्यों को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। व्यक्ति के व्यक्तित्व और अभिव्यक्ति में भाषा का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वहीं, विद्यालय की प्रबंधक संध्या मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत किया और भाषा उत्सव जैसे आयोजनों को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उत्सव के दौरान हिंदी में लोकगीत, स्किट और भाषण, अंग्रेजी में स्किट एवं भाषण तथा जर्मन भाषा में गीत और लोकनृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। निर्णायक मंडल में हिंदी के लिए रंगनाथ पांडेय, अंग्रेजी के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के पीएचडी स्कॉलर्स, संस्कृत के लिए डॉ. ओमप्रकाश और जर्मन भाषा के लिए डॉ. चिनंगाइहकिम गुइते शामिल रहे।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। समापन पर विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य गणेश शंकर चतुर्वेदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विद्यालय की सचिव रेवती मिश्र, उपाध्यक्ष डॉ. क्षितिजा, सलाहकार जयंती सामंत, हेडमिस्ट्रेस अनुपम श्रीवास्तव सहित शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


