वाराणसी। में होने वाले एयर शो से पहले शुक्रवार को गंगा के ऊपर सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर की गतिविधियां देखने को मिलीं। दोपहर बाद हेलीकॉप्टर काशी विश्वनाथ धाम के सामने पहुंचा और कुछ देर तक गंगा के ऊपर उड़ान भरता रहा। इस दौरान उसने पानी की सतह के करीब आकर टच एंड गो का अभ्यास किया। इसके बाद हेलीकॉप्टर फिर ऊपर उठा और वहां से आगे निकल गया। गंगा किनारे मौजूद लोगों की नजरें भी इस उड़ान पर टिकी रहीं।
एयर शो के लिए घाटों पर तैयारियों के साथ सुरक्षा इंतजाम भी किए जा रहे हैं। गंगा के इस पार 84 घाटों और दूसरी ओर 10 घाटों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था बनाई जा रही है। इससे पहले रविदास घाट पर सेना की टीम अभ्यास कर चुकी है, जहां हेलीकॉप्टर से कमांडो क्रूज तक उतरे थे। अब विश्वनाथ धाम के सामने चिनूक की उड़ान के जरिए भी आयोजन से जुड़ी तैयारियों को परखा गया।
चिनूक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल सैनिकों और भारी सैन्य उपकरणों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया जाता है। अमेरिकी कंपनी बोइंग इसका निर्माण करती है। इसमें एक बार में करीब 50 लोग बैठ सकते हैं और यह लगभग 10 टन तक का वजन उठा सकता है। इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 315 किलोमीटर प्रति घंटा है। शुरुआत में इसे 36 यात्रियों को ले जाने के हिसाब से तैयार किया गया था, लेकिन वियतनाम युद्ध के दौरान एक बार इसमें 147 लोगों को ले जाया गया था। सेना इसका इस्तेमाल सैन्य अभियानों के साथ आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में भी करती है।


