वाराणसी में साइबर अपराधियों ने लोगों को पुलिस और जांच एजेंसियों के नाम पर डराने के लिए तकनीक का सहारा लिया। शहर के अलग-अलग इलाकों में किराये के मकानों से संचालित इस नेटवर्क पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सराय हरहा निवासी मोहम्मद आबिद और दारानगर के नवापुरा निवासी शशिशेखर सिंह के रूप में हुई है। मामले में लखनऊ निवासी सौगात अस्थाना की तलाश की जा रही है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह इंटरनेट के जरिए आने वाली कॉल को भारतीय मोबाइल नंबरों से जोड़कर लोगों के सामने पेश करता था। इससे फोन उठाने वालों को कॉल स्थानीय नंबर से आने का भ्रम होता था। आरोपी खुद को सरकारी जांच एजेंसी या पुलिसकर्मी बताकर लोगों को कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी देते और इसी डर का फायदा उठाकर रुपये ऐंठते थे। इसी नेटवर्क से जुड़े बैंक खाते की पड़ताल में पुणे में 25 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला भी सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच तेज की।
14 अक्टूबर को पुलिस की संयुक्त टीम ने अशोकपुरम कॉलोनी, सामनेघाट स्थित बालाजी भवन और कैलाशपुरी कॉलोनी में छापेमारी कर तकनीकी सामान जब्त किया। बरामदगी में छह सिम बॉक्स शामिल हैं, जिनमें कुल 192 सिम लगाने की क्षमता है। इसके अलावा राउटर, VPN गेटवे, वाई-फाई कैमरे, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग उपकरण भी मिले हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चितईपुर थाने में आईटी एक्ट की धारा 66D समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। मामले में फरार आरोपी की तलाश जारी है।


