उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की विरासत को सुरों में सहेज रहे नासिर अब्बास

उस्ताद नासिर अब्बास बिस्मिल्लाह खान शहनाई वादन की उस समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसे उनके दादा भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान ने देश-दुनिया में पहचान दिलाई। वे उस्ताद नय्यर हुसैन बिस्मिल्लाह खान के बेटे हैं और परिवार की युवा पीढ़ी के ऐसे कलाकार हैं, जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय शहनाई की विरासत को संभालने में जुटे हैं।

नासिर अब्बास बिस्मिल्लाह खान पारंपरिक शहनाई को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार मंचों पर प्रस्तुति देते हैं। उन्होंने केरल लिटरेचर फेस्टिवल जैसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजनों में भी शहनाई की धुन बिखेरी है। उनके कार्यक्रमों में पारंपरिक शास्त्रीय संगीत के साथ परिवार से मिली संगीत साधना की झलक देखने को मिलती है।

संगीत के साथ नासिर अब्बास पारंपरिक कलाकारों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की जरूरत पर भी जोर देते रहे हैं। वे शहनाई कलाकारों को समर्थन देने और इस कला को आगे बढ़ाने की अपील करते हैं। अपने ‘नासिर अब्बास बिस्मिल्लाह खान’ यूट्यूब चैनल के जरिए भी वे अपनी प्रस्तुतियां और संगीत से जुड़ी गतिविधियां लोगों तक पहुंचा रहे हैं।



Ktv News Varanasi

Greeting from KTV Channel, Varanasi Leading News and Social content Provider

Post a Comment

Previous Post Next Post