वाराणसी। पितृपक्ष की द्वादशी पर अमन कबीर सेवा न्यास की ओर से पंचगंगा घाट पर 52 ज्ञात-अज्ञात और बेसहारा मृतकों की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से तीर्थ श्राद्ध एवं पिंडदान कराया गया।
संस्था के संस्थापक अमन कबीर ने बताया कि इन 52 लोगों के अंतिम संस्कार का दायित्व भी संस्था ने निभाया था। इनमें दो विदेशी नागरिक और दो नवजात बच्चियां भी शामिल हैं, जिन्हें जन्म के बाद उनके माता-पिता खेतों में छोड़ गए थे। कई ऐसे लोग भी थे, जिनके अंतिम समय में उनके परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था।
पंडित वेद आशीष महाराज ने हिंदू परंपरा के अनुसार श्राद्ध कर्म संपन्न कराया। अमन कबीर ने कहा कि जिन लोगों के अंतिम समय में कोई अपना साथ नहीं था, उनके लिए काशी में कोई अपना होना चाहिए। संस्था का प्रयास है कि मृत्यु के बाद भी किसी व्यक्ति को लावारिस न कहा जाए।
इस दौरान मुख्य ट्रस्टी राजीव वर्मा, विनय महादेव, संदीप सैनी, आर्यन राजभर, अमित विश्वकर्मा, मनीष गुप्ता, विजय कुमार यादव, शैलेंद्र दुबे, राकेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


