वाराणसी। रामनगर की रामलीला में मंगलवार को चित्रकूट का प्रसंग दर्शकों के सामने आया। रामबाग के पोखरा और दुर्गा मंदिर के समीप मंचित लीला में भरत अयोध्या से चित्रकूट पहुंचे। श्रीराम को वनवास से वापस अयोध्या ले जाने की उनकी कोशिश और दोनों भाइयों की मुलाकात ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
लीला की शुरुआत में भरत ने भारद्वाज मुनि से चित्रकूट जाने का रास्ता जाना। इसके बाद यमुना पार कर वह श्रीराम के पास पहुंचे। भरत ने श्रीराम की आरती उतारी और उनसे अयोध्या लौटने की अपील की। इस दौरान दोनों भाइयों के बीच हुए संवाद के जरिए प्रेम, त्याग और भाई के प्रति समर्पण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
रामलीला देखने के लिए शाम से ही बड़ी संख्या में लोग रामबाग पहुंचने लगे थे। करीब चार से छह घंटे तक चले मंचन के दौरान दर्शक पूरे समय लीला से जुड़े रहे। भरत-श्रीराम संवाद के दौरान रामलीला स्थल पर भावुक माहौल देखने को मिला और अंत तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।


