वाराणसी में फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि पांच नवंबर के बाद मौसम में बदलाव हो सकता है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे निम्न दबाव के क्षेत्र का असर पूर्वांचल में देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, पिछले दो दिनों में हुई बारिश ने धान की कटाई के अंतिम चरण में जुटे किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
बारिश और तेज हवाओं के कारण धान की 20 से 25 फीसदी फसल प्रभावित होने की आशंका है। खेतों में खड़ी फसल गिरने से कटाई में बाधा आ रही है, वहीं कटी हुई फसल के भीगने से दानों की गुणवत्ता खराब होने का खतरा है। कल्लीपुर कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि नमी के कारण धान में अंकुरण, फफूंद और दानों का रंग बदलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। भंडारित अनाज में भी नमी बढ़ने से कीट लगने की आशंका है। खेतों में जलभराव से सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है।
मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पांच नवंबर के बाद वाराणसी में बारिश की संभावना बन सकती है। शनिवार सुबह शहर का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान हवा की गति छह किलोमीटर प्रति घंटा और आर्द्रता 81 फीसदी रही। सुबह तेज धूप निकली, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 61 रिकॉर्ड किया गया।


