आतंकवाद और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के साथ अब यूपी एटीएस के अधिकारी और कमांडो जीवनरक्षा की महत्वपूर्ण तकनीक सीपीआर और एईडी में भी दक्ष हो रहे हैं। इसी उद्देश्य से एटीएस ईस्ट जोन, वाराणसी में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के लिए विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा अधिकारी वाराणसी डॉ. एन.पी. सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में राजकीय चिकित्सा अधिकारी एवं सीपीआर विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने प्रतिभागियों को आपात स्थिति में जीवन बचाने की तकनीक सिखाई। उन्होंने कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया, सीपीआर शुरू करने और एईडी के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी। प्रशिक्षण में एटीएस ईस्ट जोन के डीवाईएसपी विपिन कुमार राय, इंस्पेक्टर भारत भूषण तिवारी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और कमांडो शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि मैनिकिन पर चेस्ट कंप्रेशन, सीपीआर की सही तकनीक और आपातकालीन प्रतिक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। चिकित्सा टीम के पहुंचने से पहले प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर शुरू करना और उपलब्ध होने पर एईडी का सही इस्तेमाल जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवान अक्सर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं और किसी आपात स्थिति में मौके पर सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में सीपीआर-एईडी का प्रशिक्षण उनकी आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करता है।
प्रशिक्षण के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि वर्दी की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर जीवन बचाना भी है। संकट की घड़ी में सही समय पर की गई सीपीआर और एईडी का इस्तेमाल चिकित्सा सहायता पहुंचने तक जीवनरक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।


