कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की बैठक के रूप में काशी में जी-20 देशों का तीन दिवसीय सम्मेलन सोमवार से शुरू हो गया। इन 3 दिनों के दौरान दुनिया में टिकाऊ कृषि और सुरक्षित व सुलभ खाद्य प्रणाली विकसित करने के सर्वमान्य उपायों पर चर्चा होनी है। बैठक के पहले दिन भारत मीलेट्स यानी मोटे अनाज और अन्य प्राचीन अनाजों पर अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान के पहल से संबंधित प्रस्ताव महर्षि रखा गया।
नदेसर स्थित होटल में हुई बैठक में समस्त देशों के अलावा 10 आमंत्रित देश बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन, यूएई, वियतनाम के भी प्रतिनिधि शामिल हुए। इनके सामने महर्षि के जरिए भारत के प्रतिनिधि ने बताया कि दुनिया के खाद्यान्न संकट को दूर करने में उक्त पहल कितनी प्रभावी हो सकती है। उससे देश का भी आर्थिक सशक्तिकरण हो सकता है।