काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान स्थित सभागार में इटावा कल आज और कल पर पुस्तक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मालवीय जी के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्वलन से किया गया तदुपरांत संगीत और मंच कला की छात्र-छात्राओं ने कुल गीत की प्रस्तुति किया। अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्रम पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर किया गया। इस दौरान लोगों को पुस्तक भी भेंट किया गया। परिचर्चा में यह कहा गया कि राहुल सांकृत्यायन पर्यटन पुरस्कार से सम्मानित पुस्तक 'इटावा : कल आज और कल' काशी और इटावा के संबंधों को नई दृष्टि के साथ मजबूती प्रदान करेगी।
काशी हिंदू. विश्वविद्यालय सामाजिक विज्ञान संकाय की प्रमुख प्रो. बिंदा डी परांजपे ने पूर्व आइपीएस हरीश कुमार द्वारा लिखित पुस्तक पर आयोजित परिचर्चा में बतौर मुख्य अतिथि ये बाते कही । विशिष्ट अतिथि इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. घनश्याम ने कहा कि हरीश कुमार ने एक पुलिस अधिकारी होते हुए भी साहित्यकार की तरह पुस्तक की रचना की। सारस्वत अतिथि प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि यह पुस्तक लेखक का काशी से जुड़ाव प्रदर्शित करती है। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं प्रोफेसर तथा शोध छात्र उपस्थित रहे।
