बीएचयू भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा द्वारा अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर "समाजवादी समाज में शिक्षा और रोजगार" विषय पर एक दिवसीय सेमिनार व संगठन का छठवां सम्मेलन BHU के डीएसडब्ल्यू हॉल में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम संगठन की नई कार्यकारिणी व पदाधिकारियों की घोषणा की गई। इस सम्मेलन में संगठन का नाम "भगत सिंह छात्र मोर्चा" से बदलकर "भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा" किया गया।
इसका कारण संगठन के नाम को जेंडर न्यूट्रल करना था।संगठन के नए कार्यकारिणी में अध्यक्ष के तौर पर अकांक्षा आजाद, सचिव के पद के लिए इप्शिता, उपाध्यक्ष आदर्श, कोषाध्यक्ष संदीप को व महेंद्र और अमर को कार्यकारिणी के सदस्य के तौर पर घोषणा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत संगठन की सांस्कृतिक टीम द्वारा गाने से किया गया।हिंदी विभाग, बीएचयू के असिस्टेंट प्रोफेसर विंध्याचल यादव ने " शिक्षा का वर्तमान चरित्र, पर साम्राज्यवादी हमले खासकर नई शिक्षा नीति " विषय पर अपना वक्तव्य रखा। उन्होंने कहा कि अकादमिक जगत में सांप्रदायिक धार्मिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है और जो वास्तविक सभ्यता व संस्कृति का साहित्य है उसपर हमला हो रहा है। दिल्ली विश्विद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर विकास गुप्ता ने शिक्षा में सामाजिक अनुसंधान विषय पर अपना वक्तव्य रखा। उन्होंने बताया कि किस तरह से भारत की शिक्षा व्यवस्था गैर बराबर और अतार्किक है। इस दौरान सोनाली, गणेश, आकाश, अंकिता आदि विधार्थी शामिल हुए।
