जनपद वाराणसी में 4 मई को संपन्न हुए निकाय चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने लगे है। ऐसा इस लिए क्योंकि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफ़ेसर आनंद कुमार त्यागी का मतदाता सूची में नाम न होने के बाद भी मतदान करवाया गया। विद्यापीठ में बने मतदान केंद्र संख्या 905 पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट सत्येंद्र पाठक के द्वारा यह करवाया गया। मामला संज्ञान में आने के पश्चात वाराणसी में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी एस.राज लिंगम ने मामले पर जांच बैठा दी।
जांच वाराणसी के उप जिला निर्वाचन अधिकारी रणविजय सिंह ने इस पूरे मामले में निर्वाचन अधिकारी के रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट मतदाता स्थल पर मौजूद मतदाता कर्मियों के बयान के पश्चात तैयार किया गया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर वाराणसी के जिलाधिकारी ने बताया कि जांच में सेक्टर प्रभारी दोषी पाए गए है। क्योंकि कुलपति का नाम मतदाता सूची में न होने का बाद भी मतदान करवाया गया। जो की पूरी तरह निमानुसार नही है, ऐसे में जिलाधिकारी ने उक्त रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी गई है। नियम के अनुसार यदि किसी भी मतदाता का मतदान सूची में यदि नाम नही है,तो उसे मतदान करने का अधिकारी नही होगा। इस स्थिति में पहले मतदाताओं को अपना नाम मतदान वाले दिन से पहले हो लिस्ट में शामिल करवाना होगा। ऐसे में नियम के अनुसार किसी भी व्यक्ति का मतदान सूची में नाम ना होने के बावजूद मतदान करवाना नियम के विरुद्ध है।
