बनारस के गंगा घाटों पर प्रतिदिन गहरे पानी में जाने के चलते घटनाएं हो रही है आये दिन गंगा स्नान के दौरान लोगों के डूबने की खबरें आती है इसके बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नाविक समाज के लोगों का कहना है कि जो भी गोताखोर हैं वह माझी समाज के ही गोताखोर हैं वह घाटों पर रहते हैं जब कोई डूबने लगता है तो उसको बचाते हैं एनडीआरएफ की टीम लगी रहती है पुलिस की टीम लगी रहती है लेकिन एनडीआरएफ और पुलिस की टीम में कोई गोताखोर ही नहीं है सिर्फ मांझी समाज के लोग ही गोताखोरी करते हैं नाविक समाज के महामंत्री ने यह भी बताया कि जो भी माझी समाज के गोताखोरी करते हैं अगर उनको कुछ होता है तो क्या होगा उनके परिवार को कौन देखेगा।
इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि जो भी माझी समाज के लोग गोताखोरी करते हैं वह उनके परिवार में किसी सदस्य को अगर उनकी मृत्त्यू हो जाती है तो नौकरी देंगे और मुआवजा भी देंगे और जो भी गोताखोरी कर रहा है उसको नौकरी दे। दिन प्रतिदिन जिस तरह से बनारस के घाटों में दो चार मौतें हो रही हैं वह कैसे रोका जाए इस पर सरकार और जिला प्रशासन को सोचना चाहिए।
