स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल बनपुरवा के प्रांगण में आयोजित चार दिवसीय शिक्षक-प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन सोमवार को हर्टफुलनेस एजूकेशन से आये विषय विषेशज्ञों ने अध्यापन शैली में ध्यान की भूमिका को अहम दर्जा देते हुए शिक्षकों को अभिभूत कर दिया। कार्यशाला का शुभारम्भ हर्टफुलनेस एजूकेशन के रिसोर्स पर्सन व मुख्य अतिथि माया सिंह एवं विद्यालय के प्रबन्धक बाबा प्रकाशध्यानानन्द तथा विद्यालय शाखा समूह के प्रधानाचार्य ने स्वामी हरसेवानन्द जी महाराज के तैलचित्र पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया।कार्यशाला के प्रथम सत्र में हर्टफुलनेस ध्यान का परिचय देते हुए फैसिलिटेशन स्किल से अवगत कराते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य हर एक व्यक्ति का चहुँमुखी विकास करना है। इनमें शरीर और मन, बुद्धिमत्ता, स्वच्छता, संवेदनशीलता, सुरुचिपूर्णता, व्यक्तिगत जिम्मेदारी और आध्यात्मिक मूल्य शामिल हैं। इन्हें प्राप्त करने के लिए हमें हर्टफुलनेस ध्यान अपनी अहम भूमिका निभाता है।
क्रमशः दूसरे सत्र में हर्टफुलनेस ने "वे कैरिकुलम प्रैक्टिकल वर्कशॉप कराया जिसके अन्तर्गत कहा कि विश्व में एक दूसरे के साथ शांतिपूर्वक रहना सीखने के लिए सबसे पहले आन्तरिक शांति की खोज आवश्यक है। यह खोज ध्यान से ही सम्भव है।इस अवसर पर प्रधानाचार्य बनपुरवा डॉ. अजय कुमार चौबे, प्रधानाचार्या जगतगंज रचना अग्रवाल व उपप्रधानाचार्या अमिता सिंह, छात्रावास अधीक्षक लेफ्टिनेंट एम०एस० यादव (रि०) सहित सभी शिक्षक उपस्थित रहे। हर्टफुलनेस एजूकेशन के डॉ० जी०एस० यादव, सोनाली, डा बिरेन्द्र सिंह, ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।
