काशी हिंदू विश्वविद्यालय सुंदरलाल चिकित्सालय के कार्डियोलॉजी विभाग ओम शंकर भीषण गर्मी को लेकर हृदय रोगियों के मरीजों में क्या समस्याएं आ रही है इसको विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि ह्रदय रोग से ग्रसित कई प्रकार के रोगी होते हैं। डॉक्टरों द्वारा इन मरीजों को अलग-अलग तरह के परहेज बताए जाते हैं। जिनका हृदय कमजोर होता है। जिनको कम पानी पीने की आवश्यकता होती है गर्मी के समय में लोगों के शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है।
मरीजों को ज्यादा पानी पीने के लिए बोला जाता है अगर शरीर में पानी कम हो तो लू लगने की ज्यादा संभावना होती है और ब्लड प्रेशर कम हो सकता है लू लगने के कारण भी हृदय पर परेशानियां आ सकती है। गर्मियों में हृदय रोगियों को विशेष ध्यान रखना है तथा अपने डॉक्टर से बराबर संपर्क में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि फल सब्जियां लोगों को खाते रहना चाहिए अपने खानपान का विशेष ध्यान देना चाहिए और जांच करा कर देख लेना चाहिए कि हमें क्या दिक्कत है या डिहाईड्रेशन हो रही है।उन्होंने आगे कहा कि एक जमाना था जब 90 के दशक तक नेचुरल चीजों का उपयोग करते थे अब लोग कृत्रिम खाद को उपयोग करने लगे उन्होंने आगे कहा कि कोविड-19 की वैक्सीन जो लगी है वह धमनियों पर काफी बुरा प्रभाव डाल रही है जिसका अब साइड इफेक्ट लोगों को दिखने लगा है।
