केन्द्र सरकार के कामों को आज सकिट हाउस के सभागार में दक्षिणी विघानसभा के विघायक नीलकंठ ने मीडिया के समक्ष पेश किया वही उन्होंने कहा कि आज जो काशी है वो पिछली काशी से ज्यादा सुन्दर हो गई है जिससे वैश्विक स्तर पर पुरातन काशी संस्कृतियों का संगम काशी के रूप में जाना जाता है
उसके ज्यादातर हिस्से दक्षिण विधानसभा में शामिल है बाबा विश्वनाथ का दिव्य धाम भी यही है माता अन्नपूर्णा यही विराजित है काल भैरव महामृत्युंजय मंदिर बड़ा गणेश मंदिर मां संकटा मंदिर दुर्गाकुंड मंदिर बनकटी हनुमान मंदिर इसी विधानसभा में स्थित है पक्के महाल की गलियों में घुसने पर ज्ञात होता है बड़े-बड़े वैदिक घराने एक से एक बड़े साहित्यकारों के निवास यही है रामानंदाचार्य जी के संदर्भ मिलते हैं तो ठठेरी बाजार की गलियों में आधुनिक हिंदी खड़ी बोली के जन्मदाता भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का भी निवास है इन्ही गलियों में वेद पर अनेक अघ्ययन प्रस्तुत करने वाले अनेक वैदिक घराने मौजूद हैं जहां वैदिक की गुंज सामान्यतः सुनी जा सकती है गुलाबी मीनाकारी का कार्य होते हुए अपनी गलियों के छोटे-छोटे घरों में देखते हैं जिसे प्रधानमंत्री ने लगातार प्रतिष्ठा प्रदान किया है।
