ग्वालियर साइबर पुलिस ने 52 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड कुमार पिंटू सिंह को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले 9 साल से फरार था और पुलिस को चकमा देने के लिए प्रयागराज के एक अखाड़े में साधु बनकर रह रहा था।शातिर ठग आरोपी मूल रूप से बिहार के वैशाली का रहने वाला है।पुलिस को सूचना मिली थी कि वह दिल्ली से बिहार की ओर जा रहा है।डीएसपी संजीव नयन शर्मा और उनकी टीम ने प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया।आरोपी को ग्वालियर लाकर पूछताछ की जा रही है।9 साल पहले आरोपी ने ग्वालियर निवासी शशांक स्वामी से रिलायंस टावर लगाने के नाम पर 52 लाख 24 हजार 723 रुपए की ठगी की थी।
इसके बाद वह फरार हो गया और अलग-अलग राज्यों में अपनी पहचान छिपाकर रहने लगा।उसके पास दिल्ली, बिहार और उत्तराखंड के फर्जी पहचान पत्र थे।वह पहले बैंक में नौकरी कर चुका था, इसलिए बैंकिंग की खामियों का फायदा उठाकर ठगी करता था।आरोपी दिल्ली में ठगी का कॉल सेंटर भी चला रहा था।इस ठगी गैंग में बैंककर्मी समेत कई लोग शामिल थे।पुलिस अब तक 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।मास्टरमाइंड कुमार पिंटू लगातार पुलिस को चकमा देता रहा, यहां तक कि कुंभ मेले में साधु बनकर पुलिसवालों के साथ उठता-बैठता था।डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि आरोपी की लंबे समय से तलाश थी, आखिरकार अब जाकर वह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। उससे पूछताछ जारी है।
