कैग (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के खनन विभाग की गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार खनन से जुड़ी 408 करोड़ रुपए की राजस्व वसूली अब तक लंबित है। कैग ने स्पष्ट कहा है कि यह स्थिति विभागीय अधिकारियों और उच्चाधिकारियों की लापरवाही तथा निगरानी की कमी के कारण बनी।रिपोर्ट में विशेष तौर पर बांदा, चित्रकूट और कानपुर देहात ज़िलों का उल्लेख किया गया है, जहाँ नियमों का उल्लंघन करते हुए न केवल खनन पट्टे जारी किए गए, बल्कि पुलों के पास खनन कार्य भी कराए गए।
कैग का मानना है कि इससे न सिर्फ़ राज्य सरकार को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि सार्वजनिक ढांचे और पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ।इस खुलासे ने प्रदेश सरकार और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार लंबित राजस्व वसूली और ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाती है।
