वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में तेलुगु विभागाध्यक्ष प्रो. सीएस रामचंद्र मूर्ति पर हमले की सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने तेलंगाना के उत्तकूर नारायणपेट से शूटर बी. भास्कर और प्रयागराज के उनके साथी प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया।पुलिस के अनुसार, शूटर भास्कर ने कबूल किया कि उन्हें प्रो. बूदाटी वेंकटेश लू और असिस्टेंट प्रोफेसर कासिम बाबू ने वाराणसी बुलाकर प्रो. मूर्ति की हत्या की सुपारी दी थी। 2 लाख रुपये कैश में सौदा तय हुआ और भास्कर तीन दिन होटल में रुके। 26 और 27 जुलाई को BHU में रेकी के बाद 28 जुलाई को लोहे की रॉड से हमला किया गया। प्रो. मूर्ति को सिर और हाथ पर कई वार किए गए, जिससे उनके दोनों हाथ में फ्रैक्चर हो गया।हमले के पीछे विभागीय विवाद बताया जा रहा है, जिसमें वेंकटेश और कासिम ने मूर्ति पर अपने पद से हटवाने और शिकायत करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने बताया कि वारदात के दिन बदमाशों को बाइक उपलब्ध कराई गई थी और घटना के बाद वे हाईवे के रास्ते फरार हो गए।हमले के विरोध में 29 जुलाई को BHU गेट पर प्रोफेसरों ने धरना दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने तीन टीम बनाकर 10 दिन के भीतर मामले का खुलासा कर दिया।
