उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी की बागी विधायक पूजा पाल को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया। विधानसभा सत्र के दौरान पूजा पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति की खुलकर तारीफ करते हुए कहा था— “अतीक अहमद जैसे अपराधियों को मिट्टी में मिलाया।”सपा ने बयान जारी कर कहा कि पूजा पाल लगातार पार्टी-विरोधी गतिविधियों में लिप्त थीं और चेतावनी के बावजूद उन्होंने यह रवैया नहीं बदला। इसके चलते उन्हें सभी पदों से हटाकर पार्टी कार्यक्रमों में शामिल होने से भी रोक दिया गया है।पूजा पाल, दिवंगत बसपा विधायक राजू पाल की पत्नी हैं, जिनकी 2005 में माफिया अतीक अहमद ने हत्या कर दी थी। पति की मौत के बाद पूजा राजनीति में उतरीं और बसपा से विधायक बनीं। 2022 में वे सपा के टिकट पर कौशांबी की चायल सीट से जीती थीं।
गौरतलब है कि फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव में सपा के 7 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर भाजपा को फायदा पहुंचाया था। इनमें से अब तक 4 पर कार्रवाई हो चुकी है अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह, मनोज पांडेय और अब पूजा पाल। बाकी 3 पर भी कार्रवाई की संभावना है।
