वाराणसी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड बनाकर साइबर अपराधियों को सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।साइबर सेल और थाना लालपुर पाण्डेयपुर की संयुक्त टीम ने इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार इन आरोपियों पर थाना लालपुर पाण्डेयपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 318(2)/111 बीएनएस 2023 और आईटी एक्ट की धारा 66C के तहत कार्रवाई की जा रही है।पुलिस कमिश्ररेट वाराणसी ने जानकारी दी कि यह पूरा खुलासा पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध राजेश कुमार सिंह के निर्देशन में किया गया।पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी., अपर पुलिस उपायुक्त साइबर नीतू काद्यान और सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम विदुष सक्सेना के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने इस मामले का पर्दाफाश किया।
पुलिस ने नाटी इमली क्षेत्र से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक पीओएस एजेंट भी शामिल है। यही एजेंट फर्जी सिम एक्टिवेट कराता था और उसके जरिए बने नकली सिम कार्ड दिल्ली और अन्य राज्यों में साइबर अपराधियों तक भेजे जाते थे।पुलिस ने टेलिकॉम कंपनी को आरोपी एजेंट का लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति भी कर दी है।अपराध का तरीका भी चौंकाने वाला है।ये आरोपी कम पढ़े-लिखे लोगों को सिम लेने या पोर्ट कराने के बहाने बुलाते थे। फिर उनकी ई-केवाईसी और डी-केवाईसी की जानकारी चोरी करके उनके नाम से फर्जी सिम तैयार कर लेते थे।इसके बाद इन सिम कार्ड्स को पैक कर दिल्ली और अन्य राज्यों में भेजा जाता था, जहां साइबर अपराधी इन्हीं नंबरों का इस्तेमाल करके ठगी और ऑनलाइन अपराधों को अंजाम देते थे।पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से साइबर अपराधों की एक बड़ी चैन टूटेगी और आगे भी ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
