वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग जैसी आकृति को छोड़कर वजूखाने का एएसआई से सर्वे कराने की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई अब 6 अगस्त को होगी। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित उपासना स्थल कानून से जुड़े मामले को देखते हुए कार्यवाही स्थगित कर दी थी।हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि वजूखाने में मौजूद संरचना शिवलिंग है, जबकि मुस्लिम पक्ष उसे सिर्फ एक फव्वारा बता रहा है। उल्लेखनीय है कि 2022 में कथित शिवलिंग मिलने के बाद वजूखाना सील कर दिया गया था।इस मामले से जुड़ी याचिकाएं श्रृंगार गौरी केस की पक्षकार राखी सिंह द्वारा दाखिल की गई हैं, जिनमें वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष — अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड से जवाब मांगा है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे विवाद को लेकर अंतरिम आदेश दे रखा है, जिसके तहत निचली अदालतें कोई भी अंतिम या अंतरिम आदेश पारित नहीं कर सकतीं, इसलिए हाईकोर्ट ने पिछली बार सुनवाई टाल दी थी।अब सभी पक्षों द्वारा हलफनामे दाखिल किए जा चुके हैं, और 6 अगस्त को मामले पर विस्तृत सुनवाई होनी है।
